जीवनोपयोगी सत्संग कथा आज से

भगवान नाम अनंत माधुर्य, ऐश्वर्य और सुख की खान है। नाम और नामी में अभिन्नता होती है। यह बात संत सियाराम ने नेवरा रोड तिंवरी फांटा क्षेत्र में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नाम जप करने से जापक में नामी के स्वभाव का प्रत्यारोपण होने लगता है और जापक के दुर्गुण, दोष, दुराचार मिटकर दैवी संपत्ति के गुणों का आधान (स्थापना) और नामी के लिए उत्कट प्रेम-लालसा का विकास होता है। भगवन्नाम, इष्टदेव के नाम व गुरुनाम के जप और कीर्तन से अनुपम पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि प्रेमरस से प्रसन्नता और पुष्टि मिलती है। भगवन्नाम ऐसा है कि इससे क्षण मात्र में त्रिविध ताप नष्ट हो जाते हैं। हरि-कीर्तन में प्रेम-ही-प्रेम भरा है। इससे दुष्ट बुद्धि सब नष्ट हो जाती हैं और हरि-कीर्तन में समाधि लग जाती है। कथा में सुदामा चरित्र सुनाते हुए प्रेम अभी भक्ति का सुंदर झांकियां के साथ भावपूर्ण चित्रण किया गया इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं सुदामा की दशा चित्रण पर भावुक हो उठे। कथा के सातवें दिन नेवरा रोड़ के सतुराम सोलंकी, हजारीराम गोदारा, आईदान राम सिंवर, अणदाराम जाखड़, सिरमंडी के सोनाराम सिंवर, किरमसरिया के करणसिंह मेड़तिया, कालूराम राव, पाली के श्यामलाल, हजारीराम, भैसेर कोटवाली के श्रीराम हुडा, रिनिया के चुनाराम सारण, खारी के आदूराम हुडा, खुडियाला के ताजाराम भाकर, मथानिया के दयाराम माली, पंडित जी की ढाणी के भोमाराम ने आरती का का लाभ लिया। आयोजन समिति के डूंगरराम हुडा ने बताया कि रात्रि में आयोजित नैनी बाई का मायरा कथा श्रवण को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। शुक्रवार को कथा की पूर्ण आरती होगी। इस मौके सुबह 8 से 12 बजे तक यज्ञ व दोपहर 3 बजे से महाप्रसादी होगी।